फ़र्ज़ी आईडी से अश्लील वीडियो बनाने और लोगों से पैसे मांगने से जुड़े मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लगाया फेसबुक पर 50 हज़ार का जुर्माना

फ़र्ज़ी आईडी से अश्लील वीडियो बनाने और लोगों से पैसे मांगने से जुड़े मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लगाया फेसबुक पर 50 हज़ार का जुर्माना

  • Hindi
  • December 7, 2022
  • No Comment
  • 948

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फ़र्ज़ी आईडी से एडिट फोटो को अश्लील बनाकर लोगों से पैसे मांगने से जुड़े एक मामले में फेसबुक पर 50 हज़ार का जुर्माना लगाया है।

चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस आर सी खुल्बे की खण्डपीठ ने मामले से संबंधित याचिका की सुनवाई करते हुए फेसबुक से 16 फरवरी तक जवाब दाखिल करने को कहा है।

ग़ौरतलब है कि पूर्व में 8 सितंबर 2021 को मामले से जुड़ी याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फेसबुक से 3 सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। जवाब दाखिल नहीं करने पर कोर्ट ने फेसबुक पर 50 हज़ार रूपये का जुर्माना लगाया है।

क्या है मामला?
इस मामले में हरिद्वार निवासी अलोक कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर फ़र्ज़ी आईडी बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है और फोटो को एडिट कर अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को ब्लैकमेल किया जा रहा है। अश्लील वीडियो बनाकर लोगों से पैसों की डिमांड की जाती है। मांग न मानने पर यह अश्लील वीडियो पीड़ित के परिवार या दोस्तों को भेजने की धमकी दी जाती है।

याची का कहना था कि सोशल नेटवर्किंग साइट का ग़लत इस्तेमाल किया जा रहा है। पीड़ित आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाते हैं। फेसबुक को उगाही और कमाई के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

याची ने खुद को भी इस मामले का पीड़ित बताया था।

याची ने मांग की थी कि फेसबुक को अश्लील वीडियो बनाने वालों की आईडी को ब्लॉक करने का निर्देश दिया जाए। फेसबुक और राज्य पुलिस को पीड़ित की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक नंबर जारी करने का निर्देश दिया जाए।

Related post

“Corpus Is Living With The Respondent According To Her Free Will” Uttarakhand High Court Refuses To Entertain Habeas Corpus Writ

“Corpus Is Living With The Respondent…

“Corpus Is Living With The Respondent…
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हिन्दू महिला को पिरान कलियर की दरगाह में प्रार्थना करने की दी अनुमति, पुलिस को सुरक्षा देने का दिया निर्देश

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हिन्दू महिला को…

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गुरूवार को एक…
विवाह के 7 साल के भीतर वैवाहिक घर में मौत हो जाना आईपीसी की धारा 304B और 498A के तहत आरोपी को दोषी ठहराने के लिए प्रयाप्त नहीं: सुप्रीम कोर्ट

विवाह के 7 साल के भीतर…

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में…