सुप्रीम कोर्ट ने सेंथिल बालाजी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर सुनवाई टाली, कहा हाई कोर्ट के फैसले के इन्तिज़ार करेंगे
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- June 21, 2023
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई टाल दी, जिसमे तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री सेंथिल बालाजी को एक निजी अस्पताल में दिल की सर्जरी के लिए स्थानांतरित करने और उनसे अस्पताल में पूछताछ को प्रतिबंधित किये जाने की अनुमति दी गई है।
प्रवर्तन निदेशालय का तर्क था कि मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री सेंथिल बालाजी की पत्नी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार करने में गलती की है।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि कोर्ट याचिका की पोषणीयता से संबंधित मामले में हाई कोर्ट के आदेश का इंतजार करेगी।
ग़ौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किये जाने के बाद पिछले सप्ताह बालाजी को चेन्नई की एक अदालत ने 8 दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया था।
बालाजी को कैश फॉर जॉब योजना में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था।
चेन्नई की सत्र न्यायालय से अंतरिम ज़मानत की याचिका ख़ारिज किए जाने के बाद बालाजी की पत्नी ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। याचिका में तर्क दिया गया था कि बालाजी को बिना किसी पूर्व सुचना या समन जारी किए प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है।
13 जून को मद्रास हाई कोर्ट में जस्टिस एम सुंदर और जस्टिस आर शक्तिवेल की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई के बाद बालाजी को निजी अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने का आदेश पारित किया था जिसके बाद 15 जून को बालाजी एक निजी अस्पताल में भर्ती किए गए थे।