कर्नाटक हाईकोर्ट ने ख़ारिज की एसडीपीआई की याचिका, राज्य सरकार द्वारा कार्यालयों को सील करने के आदेश को दी थी चुनौती

कर्नाटक हाईकोर्ट ने ख़ारिज की एसडीपीआई की याचिका, राज्य सरकार द्वारा कार्यालयों को सील करने के आदेश को दी थी चुनौती

  • Hindi
  • May 22, 2023
  • No Comment
  • 947

कर्नाटक हाई कोर्ट ने हाल ही में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) द्वारा दायर एक याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमे ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के उल्लंघन के लिए अपने कार्यालयों को सील किये जाने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी थी।

इस मामले में एसडीपीआई (SDPI) ने राज्य सरकार की 28 सितम्बर 2022 को जारी अधिसूचना को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) और उससे संबंधित संगठनों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद एसडीपीआई (SDPI) के मैंगलोर स्थिति कार्यालयों को सील कर दिया था। राज्य सरकार का मानना था कि इन कार्यालयों से पीएफआई (PFI) अपनी गतिविधियों का संचालन कर रही है।

जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने एसडीपीआई की याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि कार्यालयों को सील करने के लिए जारी अधिसूचना ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 8 के तहत जारी हुई थी। और याचिकाकर्ता के पास जिला जज के समक्ष जाने का एक वैकल्पिक उपाय मौजूद था।

याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुति में कहा गया था कि उसके कार्यालयों को ग़ैरक़ानूनी रूप से सील किया गया था क्यूंकि एसडीपीआई (SDPI) उन संस्थानों में से नहीं था जिन्हे केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के तहत प्रतिबंध किया गया था।

दूसरी ओर सरकार का कहना था कि एसडीपीआई की गतिविधियां प्रत्यक्ष रूप से पीएफआई (PFI) से जुडी हुई हैं।

सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल का तर्क था कि याचिकाकर्ता के पास इस मामले में यूएपीए के प्रावधानों के तहत जिला जज के समक्ष जाने का एक विकल्प था इस लिए उन्होंने कोर्ट से याचिकाकर्ता को निचली अदालत भेजने की मांग की थी।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जिला जज के समक्ष अपना मामला रखने की स्वतंत्रता देते हुए याचिका ख़ारिज कर दी।

पूरा आदेश यहाँ पढ़ें:

Related post

Squeezing of Testicles Doesn’t Amount To Attempt To Murder, Is Grievous Hurt Under S.325 IPC: Karnataka High Court.

Squeezing of Testicles Doesn’t Amount To…

Squeezing of Testicles Doesn’t Amount To…
झगडे के दौरान गुप्तांग पर हमले को ‘हत्या के प्रयास का’ अपराध नहीं कहा जा सकता, कर्नाटक हाई कोर्ट ने कम की दोषी की सजा

झगडे के दौरान गुप्तांग पर हमले…

कर्नाटक हाई कोर्ट ने हाल ही…
Non-reporting snowballs into serious offences, leads to dismissal of Doctor’s Plea: Karnataka High Court 

Non-reporting snowballs into serious offences, leads…

Non-reporting snowballs into serious offences, leads…
For claiming the post of heredity archak, the line of succession should be on the paternal side and not on the maternal side: Karnataka High Court

For claiming the post of heredity…

For claiming the post of heredity…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *