दिल्ली हाईकोर्ट का सुदर्शन न्यूज़ चैनल से युवक को जिहादी और जबरन धर्मांतरण के आरोप वाला वीडियो हटाने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट का सुदर्शन न्यूज़ चैनल से युवक को जिहादी और जबरन धर्मांतरण के आरोप वाला वीडियो हटाने का आदेश

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  • May 12, 2023
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दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुदर्शन न्यूज़ चैनल पर जबरन धर्मांतरण के आरोप में प्रसारित एक रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है।

हाई कोर्ट ने न्यूज़ चैनल द्वारा अज़मत अली खान नामक युवक पर जबरन धर्मांतरण के आरोप वाली एक रिपोर्ट के वीडियो को चैनल से तुरंत हटाने का आदेश दिया है।

जस्टिस प्रतिभा एम सिंह की पीठ ने न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट में की गई धमकी भरी टिप्पणियों पर ध्यान दिया और माना कि यह खान की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली हैं।

कोर्ट ने एक ऐसे मामले की खबर चलाए जाने जिसकी दिल्ली पुलिस जांच कर रही है और कार्यक्रम में जिहादी जैसे शब्द के इस्तेमाल पर नाराज़गी जताई है।

कोर्ट ने न्यूज़ चैनल सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब (YouTube) ट्विटर (Twitter) और सरकारी अधिकारीयों से वीडियो को सार्वजनिक रूप से दिखाए जाने पर रोक लगाने के लिए कहा है।

क्या है मामला ?
इस मामले में अज़मत अली खान ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसका जिस महिला के साथ 7 सालों से प्रेम संबंध था उस ने जबरन धर्मांतरण का उस पर आरोप लगाया था।

दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी लेकिन कोर्ट ने उसे ज़मानत दे दी थी।

याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि हाल ही में सुदर्शन न्यूज़ चैनल ने एक खबर प्रसारित की थी जिसमे याचिकाकर्ता के खिलाफ बहुत से आरोप लगाए गए और जिहादी जैसे शब्द इस्तेमाल किये गए। कोर्ट के समक्ष एक वीडियो दिखा कर याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से कहा कि चैनल के रिपोर्टर खान और उसके परिवार को प्रताणित कर रहे हैं।

न्यूज़ ब्राडकास्टिंग डिजिटल ऐसोसिएशन (एनबीडीए) की ओर से पेश हुए वकील ने कोर्ट को बताया कि सुदर्शन न्यूज़ चैनल उसका सदस्य नहीं है इस लिए एनबीडीए उसके खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं कर सकता।

वहीँ प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया (पीसीआई) ने यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित वीडियो पर कार्यवाई करने में असमर्थता जताई।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई कर वीडियो को हटाए जाने और उस पर रोक लगाने का आदेश पारित किया।

कोर्ट ने सुरेश चव्हाणके, सुदर्शन न्यूज़, एनबीडीए, पीसीआई, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को इस मामले की कार्यवाही से शिकायतकर्ता महिला को अवगत कराने और मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश जारी किया है।

इस मामले की अब अगली सुनवाई 23 मई को होगी।

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