पुख्ता साक्ष्य के आधार पर ही सी आर पी सी की धारा 319 में समन करे कोर्ट: सुप्रीम कोर्ट
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- October 18, 2022
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सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह सी आर पी सी की धरा 319 के तहत आरोपी के रूप में समन किये जाने पर एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है।
जस्टिस के एम जोसेफ और जस्टिस पी एस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि यदि कोर्ट को ट्रायल या जांच में साक्ष्यों के आधार ऐसा प्रतीत होता है कि कोई भी व्यक्ति जिसे आरोपी नहीं बनाया गया है उसने अपराध किया है तो कोर्ट ऐसे व्यक्ति को आरोपी बना सकती है।
एक आपराधिक मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि यह एक अलग मामला है जहाँ सी आर पी सी की धारा 319 का प्रयोग करते हुए एक ऐसे व्यक्ति को समन किया गया है जो शुरू में अपराधी नहीं था।
पीठ ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2014 में हरदीप सिंह Vs स्टेट ऑफ़ पंजाब और अन्य का हवाला देते कहा कि संविधान पीठ ने धारा 319 का प्रयोग कब किया जाना चाहिए इसकी व्यवस्था दे रखी है।
हरदीप सिंह Vs स्टेट ऑफ़ पंजाब और अन्य मामले में संविधान पीठ ने कहा था कि “सी आर पी सी कि धारा 319 के तहत शक्ति एक विवेकाधीन और असाधारण शक्ति है जिसका प्रयोग संयम से किया जाना चाहिए।”
ग़ौरतलब है कि पीठ रमेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा दायर कि गयी याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनके ड्राइवर की 2019 में हत्या हो गयी थी। बाद में मृतक की पत्नी के बयान के आधार पर निचली अदालत ने श्रीवास्तव को आरोपी के रूप में समन किया था।
निचली अदालत के आदेश को श्रीवास्तव ने इलाहबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया था। श्रीवास्तव ने फिर हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपील को स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया है, साथ ही निचली अदालत को हरदीप सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है।
केस: रमेश चंद्र श्रीवास्तव बनाम स्टेट ऑफ़ यू पी और अन्य
Criminal Appeal No.990 of 2021 (Arising out of SLP (Crl.) No. 6381 of 2020)
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