मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी को वृक्षारोपण की शर्त पर दी ज़मानत, रिहाई होने पर 30 दिन के अंदर कोर्ट को दिखाने होंगे वृक्षारोपण के फोटो

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी को वृक्षारोपण की शर्त पर दी ज़मानत, रिहाई होने पर 30 दिन के अंदर कोर्ट को दिखाने होंगे वृक्षारोपण के फोटो

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  • May 23, 2023
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मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने एक आरोपी को वृक्षारोपण की शर्त पर ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

मध्यप्रदेश की गवालियर पीठ में जस्टिस आनंद पाठक ने सोमवार को एक आरोपी के ज़मानत के आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

यह मामला आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दंडनीय अपराध से संबधित है जिसमे गवालियर के गुलाब परिहार को पुलिस ने 27 अप्रैल 2023 को 60 लीटर देशी शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया था।

आवेदक के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धरा 34 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच चल रही है।

कोर्ट के समक्ष आवेदक के वकील ने कहा कि इस मामले में आवेदक निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। आवेदक 27 अप्रैल से जेल में बंद है।

आवेदक की ओर से वकील ने कोर्ट के समक्ष प्रस्तुति में कहा कि आवेदक ने अपना सबक सीख लिया है और ज़मानत दिए जाने पर स्वेच्छा से राष्ट्रीय/सामाजिक/पर्यावरणीय सेवा के माध्यम से अपने जीवन में सुधार लाना चाहता है।

अभियोजन पक्ष का तर्क था कि मामला जांच के अधीन है औऱ पूछ ताछ के लिए आवेदक को हिरासत में रखना ज़रूरी है। इस लिए आवेदक को ज़मानत पर रिहा नहीं किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद पाया कि आवेदक बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड के 27 अप्रैल से जेल में है। इस मामले की योग्यता पर टिप्पणी किए बिना कोर्ट ने आवेदक को शर्तों के साथ ज़मानत पर रिहा किए जाने का निर्देश दिया।

हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह ऐसा मामला नहीं जहां एक व्यक्ति सामाजिक सेवा करना चाहता है तो उसे योग्यता पर विचार किए बिना जमानत दी जा सकती है।

कोर्ट ने आवेदक को 50 हज़ार रूपये के मुचलके औऱ उतनी ही राशि की साल्वेंट ज़मानत सहित वृक्षारोपण करने के निर्देश के साथ ज़मानत पर रिहा किए जाने का आदेश दिया।

कोर्ट ने कहा कि “यह निर्देश आवेदक के द्वारा स्वतः व्यक्त की गई सामुदायिक सेवा की इच्छा के कारण दिया गया है जो स्वैच्छिक है।”

पूरा आदेश यहाँ पढ़ें :

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