अनुकंपा का आधार रियायत है अधिकार नहीं

अनुकंपा का आधार रियायत है अधिकार नहीं

पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने अनुकंपा आधारित नियुक्ति से संबंधित केरला हाई कोर्ट की खंड पीठ द्वारा दिए गए उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमे उसने एकल पीठ के फैसले की पुष्टि करते हुए फ़र्टिलाइज़र एंड केमिकल ट्रावनकोर लिमिटेड और अन्य को निर्देशित किया था कि एक महिला की अनुकंपा आधारित नियुक्ति पर विचार किया जाना चाहिए।

फ़र्टिलाइज़र एंड केमिकल ट्रावनकोर लिमिटेड और अन्य ने उक्त फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

याचिकाकर्ता ने अपील में कहा था कि महिला के पिता की 1995 में कंपनी में काम करते समय मृत्य हो गयी थी। मृत्य के समय महिला नाबालिग थी। मृत्य के 14 साल बाद महिला ने अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का आवेदन किया था। इसी बीच 2013 में महिला का विवाह हो गया था।

केरला हाई कोर्ट की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता-अपीलकर्ता को अनुकंपा के आधार पर महिला की नियुक्ति का निर्देश दिया था जिसकी पुष्टि बाद में हाई कोर्ट की खंड पीठ ने भी की थी।

याचिकाकर्ता ने इस फैसले को शीर्ष न्यायालय में चुनौती देते हुए कहा कि महिला अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की पात्र नहीं थी क्योंकि उसके पिता की मृत्य के समय उसकी माँ स्वस्थ विभाग में कार्यक्रत थी।

शीर्ष न्यायालय ने माना के महिला अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की पात्र नहीं है, और पूर्व में केरला हाई कोर्ट की एकल पीठ और खंड पीठ द्वारा दिए गए निर्देश में चूक हुई है।

अपने फैसले में शीर्ष न्यायालय ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति आवेदक को रियायत/छूट है, यह आवेदक का अधिकार नहीं है।

इस संबंध में शीर्ष न्यायालय द्वारा अनुकंपा के आधार पर नियक्तियों के संबंध में कई फैसलों में यह माना गया है सरकारी नियुक्तियों में सभी आवेदकों को संविधान के अनुछेद 14 और 16 के अंतर्गत समान अवसर प्राप्त होंगे। अनुकंपा के आधार पर मृतक के आश्रित की नियुक्ति इन मानदंडों का अपवाद है। अनुकंपा का आधार रियायत है अधिकार नहीं।

शीर्ष न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का उद्देश्य मृतक के परिवार को उन स्थितियों से उबारने का होता है जिनका सामना परिवार घर के एक मात्र कमाने वाले की आकस्मिक मृत्य के कारण करता है।

मृत्य के 24 वर्ष गुज़र जाने के बाद महिला को अनुकंपा आधारित आवेदन का हक़ नहीं है अगर इस तरह की नियुक्ति अब की जाती है तो अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियों के उद्देश्य के खिलाफ होगा।

Case:

Fertilizers and Chemicals Travancore Ltd. & Ors. …Appellant(s) Versus Anusree K.B. …Respondent(s)

CIVIL APPEAL NO. 6958 OF 2022

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